Bengali Panchang: Time, Astrology & Cultural Heritage
30 Visited Calendar • Updated: Tuesday, 23 September 2025

🌙 বাংলা পঞ্চাং: সময়, জ্যোতিষ ও সংস্কৃতির অমূল্য ঐতিহ্য
(Bengali Panchang: Time, Astrology & Cultural Heritage — A Detailed Blog Post in Hindi)
📜 भूमिका: बंगाली पञ्चाङ्ग — काल का बंगाली स्वरूप
“সময়ই সবচেয়ে বড় দেবতা — যে তাকে জানে, সে-ই জীবন জয় করে।”
(“समय सबसे बड़ा देवता है — जो उसे जानता है, वही जीवन जीतता है।”)
बंगाली पञ्चाङ्ग (বাংলা পঞ্চাং) — यह केवल तिथियों और माह का ब्यौरा नहीं, बल्कि बंगाली संस्कृति, धर्म, कृषि, और जीवन शैली का आधारस्तंभ है। यह वह जीवंत परंपरा है जो दुर्गा पूजा से लेकर पोला तक, बोসोंती उत्सव से लेकर नवान्न तक — हर पल का मार्गदर्शन करती है।
चलिए, इस अद्भुत ज्ञान प्रणाली को गहराई से समझते हैं।
📅 बंगाली पञ्चाङ्ग क्या है?
बंगाली पञ्चाङ्ग बंगाब्द (Bangabda) पर आधारित है — जिसकी शुरुआत 1556 ईस्वी में मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में मानी जाती है। इसका उद्देश्य था — कृषि कर (लगान) का समयबद्ध संग्रह।
📌 वर्तमान वर्ष (2025) = 1432 बंगाब्द
(16 अप्रैल 2025 से — “পয়লা বৈশাখ” — बंगाली नव वर्ष की शुरुआत)
यह एक चांद्र-सौर कैलेंडर है — जो चंद्रमा की गति के साथ-साथ सूर्य की स्थिति (संक्रांति) को भी ध्यान में रखता है।
🧮 पञ्चाङ्ग के पाँच अंग — बंगाली में भी!
बंगाली पञ्चाङ्ग भी पाँच अंगों पर आधारित है — जिन्हें बंगाली में इस प्रकार कहा जाता है:
|
तिथि |
তিথি (Tithi) |
चंद्रमा की कला के आधार पर दिन |
|
वार |
বার (Bar) |
सात दिन — রবিবার से শনিবার |
|
नक्षत्र |
নক্ষত্র (Nokkhotro) |
27 नक्षत्र — अश्विनी से रेवती |
|
योग |
যোগ (Jog) |
सूर्य + चंद्रमा की स्थिति का योग |
|
करण |
করণ (Koron) |
तिथि का आधा भाग |
इनके अलावा, बंगाली पञ्चाङ्ग में “রাহুকাল (Rahu Kaal)”, “যমগণ্ড (Yamagando)”, “গুলিকাল (Gulikal)” जैसे अशुभ समय भी विस्तार से दिए जाते हैं — खासकर शुभ कार्यों के लिए।
📆 बंगाली मास — 6 ऋतुओं के साथ
बंगाली कैलेंडर में 6 ऋतुएँ (ঋতু) और 12 मास होते हैं — प्रत्येक ऋतु में 2 मास।
|
1 |
বৈশাখ (Boishakh) |
अप्रैल-मई |
बंगाली नव वर्ष — “পয়লা বৈশাখ”, बोसोंती उत्सव |
|
2 |
জ্যৈষ্ঠ (Joishtho) |
मई-जून |
ग्रीष्म का चरम — “জলখাবার” का समय |
|
3 |
আষাঢ় (Ashaṛh) |
जून-जुलाई |
वर्षा का आगमन — “বর্ষা উৎসব” |
|
4 |
শ্রাবণ (Shrabon) |
जुलाई-अगस्त |
सावन का महीना — “শ্রাবণ মঙ্গলবার/শুক্রবার” |
|
5 |
ভাদ্র (Bhadro) |
अगस्त-सितंबर |
गणेश चतुर्थी, ओणम, अन्नकूट की तैयारी |
|
6 |
আশ্বিন (Ashhin) |
सितंबर-अक्टूबर |
दुर्गा पूजा — बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार |
|
7 |
কার্তিক (Kartik) |
अक्टूबर-नवंबर |
कर्तिक स्नान, दीपावली, छठ पूजा |
|
8 |
অগ্রহায়ণ (Ogrohayon) |
नवंबर-दिसंबर |
“নবান্ন” — नए अनाज का उत्सव |
|
9 |
পৌষ (Poush) |
दिसंबर-जनवरी |
“পৌষ পর্ব” — मकर संक्रांति, पिठे का त्योहार |
|
10 |
মাঘ (Magh) |
जनवरी-फरवरी |
“মাঘ মেলা”, “মাঘ সংক্রান্তি”, बसंत पंचमी |
|
11 |
ফাল্গুন (Falgun) |
फरवरी-मार्च |
होली — “ধুলেটা/বসন্ত উৎসব”, शिवरात्रि |
|
12 |
চৈত্র (Choitro) |
मार्च-अप्रैल |
वर्ष का अंत — “চৈত্র সংক্রান্তি”, गुड़ि पड़वा |
🎉 बंगाली नव वर्ष — “পয়লা বৈশাখ” (Pohela Boishakh) — 15/16 अप्रैल को मनाया जाता है — “হালখাতা” (नए लेखा वर्ष) के साथ।
🎊 प्रमुख त्योहार — पञ्चाङ्ग के अनुसार
🌺 1. দুর্গা পূজা (Durga Puja) — আশ্বিন मास
-
समय: सितंबर-अक्टूबर
-
महत्व: माँ दुर्गा का आगमन — “মহালয়”, “ষষ্ঠী”, “সপ্তমী”, “অষ্টমী”, “নবমী”, “দশমী”
-
पंचांग आधार: “মহালয় অমাবস্যা” — पितृ तर्पण का दिन → फिर छह दिनों का महोत्सव।
🍚 2. নবান্ন (Nobanno) — অগ্রহায়ণ मास
-
समय: नवंबर-दिसंबर
-
महत्व: नए चावल का प्रथम भोजन — धन्यवाद प्रकृति को
-
पंचांग आधार: “অগ্রহায়ণের প্রথম শুক্লা পক্ষ”
🪔 3. কালী পূজা / দীপাবলি (Kali Puja / Diwali) — কার্তিক मास
-
समय: अक्टूबर-नवंबर
-
महत्व: माँ काली की पूजा — अंधकार पर प्रकाश की विजय
-
पंचांग आधार: “অমাবস্যা তিথি”
🌼 4. বসন্ত উৎসব / ধুলেটা (Basant Utsav / Holi) — ফাল্গুন मास
-
समय: मार्च
-
महत्व: वसंत ऋतु का स्वागत — “গুলাল”, “আবির”, “বরফের গোল্লা”
-
पंचांग आधार: “ফাল্গুন পূর্ণিমা”
🍬 5. পৌষ পর্ব (Poush Parbon) — পৌষ मास
-
समय: दिसंबर-जनवरी
-
महत्व: मकर संक्रांति — “পিঠে”, “লাড্ডু”, “মুড়ি” का त्योहार
-
पंचांग आधार: “মকর সংক্রান্তি”
📱 आधुनिक युग में बंगाली पञ्चाङ्ग
आज बंगाली पञ्चाङ्ग डिजिटल रूप में भी उपलब्ध है — जिससे युवा पीढ़ी भी इससे जुड़ी हुई है।
🔹 प्रमुख ऐप्स और वेबसाइट्स:
-
Drik Panchang Bengali — https://www.drikpanchang.com/bengali/
-
Prokerala Bengali Calendar
-
AstroSage Bengali Panchang
-
Google Play Store — “Bengali Panjika 1432” — 50+ ऐप्स उपलब्ध
🔹 उपयोग:
-
विवाह मुहूर्त चुनना
-
“গৃহপ্রবেশ”, “নামকরণ”, “মুণ্ডন”
-
व्रत — “সপ্তশী”, “লক্ষ্মী পূজা”, “শীতলা পূজা”
-
व्यापार — “হালখাতা” के लिए शुभ तिथि
-
रोजाना “রাহুকাল” और “শুভ মুহূর্ত” चेक करना
🏛️ बंगाली पञ्चाङ्ग का सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व
✅ 1. खगोलीय सटीकता
-
ISRO भी लॉन्च के समय नक्षत्रों का उल्लेख करता है — जैसे “শ্রবণা নক্ষত্র”।
-
“মহালয়” का समय — सूर्य की स्थिति के आधार पर तय होता है।
✅ 2. कृषि मार्गदर्शन
-
“আষাঢ়” — बुआई का समय
-
“অগ্রহায়ণ” — कटाई और “নবান্ন”
-
“বৈশাখ” — नए लेखा वर्ष और फसल योजना
✅ 3. आयुर्वेद और जीवन शैली
-
“অমাবস্যা” — उपवास और पितृ तर्पण
-
“পূর্ণিমা” — मानसिक शांति के लिए व्रत
-
“শনিবার” — शनि देव की पूजा — “শনি শান্তি”
✅ 4. सांस्कृतिक एकता
-
पश्चिम बंगाल से लेकर बांग्लादेश, त्रिपुरा, असम तक — बंगाली समुदाय पंचांग के अनुसार ही जीता है।
📚 बंगाली पञ्चाङ्ग के प्रमुख ग्रंथ एवं रचयिता
-
“বাঙ্গালা পঞ্জিকা” (Bangla Panjika) — राधाकांत देव, काशीनाथ तर्कचूड़ामणि द्वारा प्रारंभिक संस्करण।
-
“নবদ্বীপ পঞ্জিকা” — नवद्वीप (नदिया) से प्रकाशित — सबसे प्रामाणिक माना जाता है।
-
“গুপ্ত পঞ্জিকা” — गुप्त प्रेस, कोलकाता — 100+ वर्षों से प्रकाशित।
-
“সূর্য সিদ্ধান্ত” (Surya Siddhanta Bengali Version) — खगोलीय गणना का आधार।
🌅 निष्कर्ष: बंगाली पञ्चाङ्ग — ज्ञान, भक्ति और विज्ञान का संगम
बंगाली पञ्चाङ्ग केवल तिथियों का संग्रह नहीं — बल्कि बंगाली जीवन की आत्मा है। यह हमें याद दिलाता है कि:
🌿 “हम प्रकृति का हिस्सा हैं — चंद्रमा, सूर्य, नक्षत्र हमारे जीवन का मार्गदर्शन करते हैं।”
आज के डिजिटल युग में भी, बंगाली पञ्चाङ्ग घर-घर में, मंदिरों में, और मोबाइल ऐप्स में — जीवित है। और ऐसा ही रहना चाहिए — क्योंकि यह हमारी संस्कृति, विज्ञान और आस्था की धरोहर है।
- Divine Journeys: A Pilgrim's Guide to the Shrines of Devi Durga
- September 23: Maharaja Hari Singh Ji's birthday (Holiday in Jammu and Kashmir)
- VISHWAKARMA PUJA : IMAGES, GIF, ANIMATED GIF, WALLPAPER, STICKER FOR WHATSAPP & FACEBOOK
- Hartalika Teej Vrat Greetings : Images, Gif, Animated Gif, Wallpaper, Sticker For Whatsapp & Facebook
🔔 हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें:
👉 https://www.youtube.com/channel/UC76hj0iZcKkiW1YizHs0n2Q/
📘 Facebook Page:
👉 https://www.facebook.com/DigiTatva
🌿 वेबसाइट विजिट करें:
👉 https://www.bhaktipulse.com/
👉 https://www.bhaktipulse.com/video
✨ Guest Post Invitation – Share Your Divine Wisdom
🙏 Welcome to BhaktiPulse – your spiritual companion for Aarti, Chalisa, Bhajan, Mantra, and divine stories.
🌸 Do you have spiritual knowledge, devotional content, experiences, or stories that can inspire others?
📖 We warmly invite you to contribute your valuable content and become a part of our growing spiritual community.
✨ Your content may include:
- 🪔 Aarti, Chalisa, Mantra, Bhajan
- 📜 Spiritual stories & life lessons
- 🔍 Unknown facts & scientific reasons in Sanatan Dharma
- 🌿 Ayurveda, rituals, and traditions
💡 If your content aligns with our vision, we will proudly feature it on BhaktiPulse.
📩 Submit your content or contact us here:
👉 https://www.bhaktipulse.com/contact.php
🌼 Let your words spread devotion, ज्ञान, and positivity to the world.
🙏 Join us in this divine journey!