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शुक्रवार, 18 सितंबर 2026

श्री अंजनी माता चालीसा

श्री अंजनी माता चालीसा

श्री अंजनी माता चालीसा

24 Visited Chalisa Collection • Updated: Tuesday, 15 September 2026

श्री अंजनी माता चालीसा


श्री अंजनी माता चालीसा: संपूर्ण पाठ, महत्व, कथा और पूजा विधि

श्री अंजनी माता चालीसा माता अंजनी की भक्ति और महिमा को समर्पित एक श्रद्धापूर्ण पाठ है। माता अंजनी को भगवान हनुमान की माता के रूप में जाना जाता है। इस कारण भक्तों के मन में उनके प्रति विशेष श्रद्धा और मातृभाव जुड़ा हुआ है।

हनुमान जी को बल, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है, और उनकी माता अंजनी देवी का स्मरण भक्त एक वात्सल्यपूर्ण और करुणामयी माता के रूप में करते हैं। अंजनी माता की पूजा करते समय भक्त अपने परिवार की सुख-शांति, बच्चों के अच्छे संस्कार और जीवन में सद्बुद्धि की प्रार्थना करते हैं।

माता अंजनी की भक्ति हमें यह भी याद दिलाती है कि महान व्यक्तित्वों के जीवन में माता के संस्कार, प्रेम और मार्गदर्शन का कितना महत्वपूर्ण स्थान होता है।


🌺 अंजनी माता कौन हैं?

धार्मिक परंपरा के अनुसार माता अंजनी भगवान हनुमान की माता हैं। उन्हें अंजना देवी भी कहा जाता है।

रामायण और पुराणों से जुड़ी कथाओं में हनुमान जी के जन्म और उनके बाल्यकाल का वर्णन मिलता है। हनुमान जी को केसरी पुत्र और पवनपुत्र के नाम से भी जाना जाता है। माता अंजनी और वानरराज केसरी के पुत्र हनुमान आगे चलकर भगवान श्रीराम के परम भक्त बने।

इसी कारण माता अंजनी का नाम लेते ही भक्तों के मन में हनुमान जी का बाल स्वरूप और एक माता का स्नेहपूर्ण रूप भी याद आता है।


🕉️ श्री अंजनी माता चालीसा

॥ दोहा ॥

जय अंजनी माता तुम्हें, बारंबार प्रणाम।
हनुमत जननी जगत में, पूरन करो सब काम॥

करुणा ममता की धनी, भक्तों की रखवाली।
शरण पड़े जो आपके, हो उनकी खुशहाली॥

॥ चौपाई ॥

जय जय अंजनी मात भवानी।
जय हनुमत जननी कल्याणी॥

अंजना नाम जगत में प्यारा।
तेरा रूप लगे अति न्यारा॥

ममता की तुम मूर्ति माता।
दीन दुखी की हो सुखदाता॥

केसरी संग गृह बसाया।
हनुमत जैसा सुत पाया॥

पवन देव की कृपा अपारा।
जग में प्रकट भयो उजियारा॥

बाल हनुमत अति बलशाली।
माता देखे छवि मतवाली॥

बालक समझे रवि फल न्यारा।
उड़ चले नभ में बल धारा॥

देव सभी तब देख घबराए।
बाल हनुमत के बल को पाए॥

माता अंजनी प्रेम से पुकारे।
सुत को देखे नयन निहारे॥

तेरे संस्कारों का उजियारा।
बना हनुमत जग का सहारा॥

राम नाम का प्रेम सिखाया।
सेवा का सच्चा मार्ग दिखाया॥

भक्ति शक्ति दोनों के दाता।
तेरे सुत कहलाए जग त्राता॥

सीता माता खोजन धाए।
सागर लांघ लंका पहुँचाए॥

राम काज हित तन मन वारा।
हनुमत ने जग किया उजियारा॥

माता तेरी महिमा भारी।
तुम हो भक्तों की रखवारी॥

जो भी तेरे द्वार है आता।
मन का दुख तुझसे कह जाता॥

ममता से तुम उसे संभालो।
जीवन का अंधियारा टालो॥

घर में प्रेम सदा बरसाओ।
मन से भय और द्वेष मिटाओ॥

बच्चों को सद्बुद्धि देना।
सत्य धर्म का पथ दिखलाना॥

माता-पिता का मान बढ़ाएँ।
सेवा का सच्चा धर्म निभाएँ॥

ज्ञान भक्ति का दीप जलाओ।
संकट में साहस दे जाओ॥

दीनों की तुम हो रखवाली।
कृपा करो हे मात निराली॥

जिस घर तेरा नाम पुकारा।
भक्ति का फैले वहाँ उजियारा॥

प्रेम सहित जो ध्यान लगावे।
मन में शांति का भाव वह पावे॥

नारी शक्ति का रूप तुम्हारा।
करुणा का है भाव अपारा॥

माँ की ममता जग से न्यारी।
तुम हो अंजनी सबसे प्यारी॥

हनुमत जननी शीश नवाऊँ।
अपने मन की बात सुनाऊँ॥

अहंकार मन से दूर कराओ।
सच्चे कर्म का मार्ग दिखाओ॥

जीवन में धैर्य सदा रहे माँ।
हर मुश्किल में साहस रहे माँ॥

परिवार में प्रेम बनाए रखना।
सबके मन में नेह जगाए रखना॥

तेरे चरणों में ध्यान लगाऊँ।
तेरा गुणगान सदा ही गाऊँ॥

अंत समय जब प्राण हमारे।
नाम तुम्हारा हो अधरों प्यारे॥

जय अंजनी माता भवानी।
जय हनुमत जननी कल्याणी॥


🙏 माता अंजनी की कथा और हनुमान जी

माता अंजनी की कथा का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष भगवान हनुमान से जुड़ा है। धार्मिक परंपरा में हनुमान जी को असाधारण शक्ति और बुद्धि प्राप्त थी, लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान उनकी श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति है।

हनुमान जी ने अपना पूरा जीवन शक्ति के प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि सेवा और धर्म के लिए समर्पित किया। यही कारण है कि माता अंजनी का स्मरण करते समय भक्त मातृशक्ति, संस्कार और भक्ति—तीनों को साथ याद करते हैं।

एक माता अपने बच्चे को केवल जन्म ही नहीं देती, बल्कि उसे जीवन के संस्कार और सही दिशा भी देती है। अंजनी माता का चरित्र इसी भावना से भक्तों के लिए प्रेरणादायक माना जाता है।


🌸 श्री अंजनी माता चालीसा का महत्व

अंजनी माता चालीसा का पाठ मुख्य रूप से भक्ति और मातृशक्ति के सम्मान की भावना से किया जाता है।

भक्त विशेष रूप से माता से प्रार्थना करते हैं कि—

  • परिवार में प्रेम और सद्भाव बना रहे।

  • बच्चों को अच्छे संस्कार और सद्बुद्धि मिले।

  • कठिन समय में धैर्य और साहस बना रहे।

  • मन में भक्ति और सेवा का भाव बढ़े।

  • जीवन में सही और नैतिक मार्ग चुनने की शक्ति मिले।

धार्मिक पाठ के फल व्यक्ति की आस्था और व्यक्तिगत अनुभव से जुड़े होते हैं। इसलिए इसे किसी बीमारी या सांसारिक समस्या के निश्चित समाधान की गारंटी के रूप में नहीं देखना चाहिए।


🪔 अंजनी माता चालीसा पाठ की सरल विधि

माता अंजनी की पूजा के लिए बहुत कठिन नियमों की आवश्यकता नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण है सच्चा मन और श्रद्धा।

सरल पूजा विधि:

  1. सुबह या शाम स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।

  2. पूजा स्थान को साफ करें।

  3. माता अंजनी और हनुमान जी का स्मरण करें।

  4. दीपक या अगरबत्ती जलाएँ।

  5. माता को फूल और अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रसाद अर्पित करें।

  6. कुछ क्षण शांत होकर माता का ध्यान करें।

  7. श्री अंजनी माता चालीसा का पाठ करें।

  8. अंत में परिवार और सभी के कल्याण की प्रार्थना करें।

यदि संभव न हो तो केवल श्रद्धा से माता का नाम स्मरण करना भी भक्ति का एक सरल माध्यम है।


📅 अंजनी माता की पूजा कब करें?

माता अंजनी का स्मरण किसी भी दिन किया जा सकता है।

कई भक्त मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा के साथ माता अंजनी का भी स्मरण करते हैं। हालांकि माता की भक्ति किसी एक दिन तक सीमित नहीं है।

विशेष रूप से हनुमान जयंती या हनुमान जी से जुड़े धार्मिक अवसरों पर माता अंजनी का स्मरण भक्तिभाव से किया जा सकता है।


🕉️ अंजनी माता का सरल मंत्र

भक्त माता का नाम लेकर सरल प्रार्थना कर सकते हैं:

ॐ अंजनी मातायै नमः।

या श्रद्धा से कह सकते हैं:

**जय अंजनी माता।

जय हनुमत जननी।**

मंत्र-जप की विशेष विधि या संख्या स्थानीय एवं पारिवारिक परंपराओं के अनुसार अलग हो सकती है।


🌿 अंजनी माता की भक्ति का संदेश

माता अंजनी की भक्ति हमें कई सुंदर बातें सिखाती है।

सबसे पहला संदेश है मातृत्व और करुणा का सम्मान। दूसरा है अच्छे संस्कारों का महत्व

हनुमान जी के जीवन में शक्ति थी, लेकिन उससे भी बड़ी उनकी विनम्रता और श्रीराम के प्रति सेवा-भाव था। यह हमें याद दिलाता है कि वास्तविक शक्ति का उपयोग सदैव अच्छे कार्यों के लिए होना चाहिए।

अंजनी माता का स्मरण हमें परिवार, संस्कार, सेवा और भक्ति के महत्व की ओर ले जाता है।


❓ श्री अंजनी माता चालीसा से जुड़े सामान्य प्रश्न

1. अंजनी माता कौन हैं?

माता अंजनी, जिन्हें अंजना देवी भी कहा जाता है, धार्मिक परंपरा में भगवान हनुमान की माता मानी जाती हैं।

2. अंजनी माता के पति कौन थे?

धार्मिक परंपरा के अनुसार अंजनी माता के पति वानरराज केसरी थे। इसीलिए हनुमान जी को केसरीनंदन भी कहा जाता है।

3. अंजनी माता का हनुमान जी से क्या संबंध है?

अंजनी माता भगवान हनुमान की माता हैं। हनुमान जी को अंजनीपुत्र और अंजनेय जैसे नामों से भी संबोधित किया जाता है।

4. अंजनी माता की पूजा कब करनी चाहिए?

माता का स्मरण किसी भी दिन किया जा सकता है। कई भक्त मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा के साथ माता अंजनी का भी स्मरण करते हैं।

5. अंजनी माता से क्या प्रार्थना की जाती है?

भक्त परिवार की सुख-शांति, बच्चों के अच्छे संस्कार, सद्बुद्धि, धैर्य और भक्ति के लिए माता से प्रार्थना करते हैं।

6. क्या अंजनी माता चालीसा रोज पढ़ सकते हैं?

हाँ, श्रद्धा और सुविधा के अनुसार इसका पाठ नियमित रूप से किया जा सकता है।

7. अंजनी माता को और किस नाम से जाना जाता है?

उन्हें अंजना देवी भी कहा जाता है।


🙏 माँ अंजनी से प्रार्थना

हे माँ अंजनी,
हे हनुमान जी की पावन जननी!

हमारे जीवन में प्रेम, धैर्य और सद्बुद्धि बनाए रखें।
हमारे बच्चों को अच्छे संस्कार और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें।
हमारे परिवार में आपसी प्रेम और सम्मान बना रहे।

हमें हनुमान जी की तरह सेवा, विनम्रता और भक्ति का भाव प्रदान करें।
कठिन समय में साहस दें और सही निर्णय लेने की बुद्धि दें।

हमारे मन से भय, अहंकार और नकारात्मकता को दूर करें।

जय माँ अंजनी।
जय हनुमत जननी।
जय श्रीराम।
जय हनुमान।


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