गंगा दशहरा 2026: महत्व, पूजा विधि, स्नान और पापों से मुक्ति का पर्व
164 Visited Festival • Updated: Friday, 03 April 2026

गंगा दशहरा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है, जो ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 25 मई, सोमवार को मनाया जाएगा। यह दिन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि जीवन में पवित्रता, पुण्य और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश भी देता है।
1️⃣ गंगा दशहरा का महत्व और पौराणिक मान्यताएँ
1. मां गंगा का अवतरण
पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन मां गंगा ब्रह्मा जी के कमंडल से निकलकर, भगवान शिव की जटाओं से होते हुए पृथ्वी पर अवतरित हुईं। उनकी पवित्रता और दिव्यता के कारण यह दिन विशेष महत्व रखता है।
2. राजा भागीरथ का तप
राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों, सगर पुत्रों, की आत्मा को मोक्ष दिलाने हेतु कठोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर मां गंगा ने पृथ्वी पर अवतरण किया। यही कारण है कि गंगा दशहरा को पवित्र स्नान और दान का पर्व माना जाता है।
3. पापों का नाश
इस दिन गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के 10 प्रकार के पाप (तीन कायिक, चार वाचिक और तीन मानसिक) नष्ट हो जाते हैं। यही कारण है कि श्रद्धालु दूर-दूर से गंगा तट पर आते हैं और गंगा स्नान करते हैं।
2️⃣ पूजा विधि और परंपराएं
1. स्नान और दान
-
गंगा दशहरा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है।
-
यदि गंगा जी तक पहुँचना संभव न हो, तो घर पर नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है।
-
स्नान के बाद दान और पूजा करने से पुण्य का संचित लाभ मिलता है।
2. “10” का महत्व
इस दिन पूजन सामग्री और दान की वस्तुओं की संख्या 10 रखी जाती है। जैसे:
-
10 फल
-
10 अन्न सामग्री
-
10 वस्त्र
-
10 जल के घड़े
3. गंगा आरती
-
गंगा तट पर दीपदान और भव्य गंगा आरती का आयोजन किया जाता है।
-
भक्त गंगा माता के स्तुति गीत और भजन गाते हुए आरती में भाग लेते हैं।
-
आरती के समय दीपों की रोशनी और गंगा जल की पवित्रता वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है।
3️⃣ 2026 की महत्वपूर्ण तिथियाँ
-
दशमी तिथि प्रारंभ: 25 मई 2026, सुबह 04:30 AM
-
दशमी तिथि समाप्त: 26 मई 2026, सुबह 05:10 AM
-
मुख्य स्नान पर्व: 25 मई 2026
गंगा दशहरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शुद्धि, पुण्य और मोक्ष का प्रतीक है। इस दिन गंगा माता का स्नान, दान और पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि का वास होता है।
🔔 हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें:
👉 https://www.youtube.com/channel/UC76hj0iZcKkiW1YizHs0n2Q/
📘 Facebook Page:
👉 https://www.facebook.com/DigiTatva
🌿 वेबसाइट विजिट करें:
👉 https://www.bhaktipulse.com/
👉 https://www.bhaktipulse.com/video
✨ Guest Post Invitation – Share Your Divine Wisdom
🙏 Welcome to BhaktiPulse – your spiritual companion for Aarti, Chalisa, Bhajan, Mantra, and divine stories.
🌸 Do you have spiritual knowledge, devotional content, experiences, or stories that can inspire others?
📖 We warmly invite you to contribute your valuable content and become a part of our growing spiritual community.
✨ Your content may include:
- 🪔 Aarti, Chalisa, Mantra, Bhajan
- 📜 Spiritual stories & life lessons
- 🔍 Unknown facts & scientific reasons in Sanatan Dharma
- 🌿 Ayurveda, rituals, and traditions
💡 If your content aligns with our vision, we will proudly feature it on BhaktiPulse.
📩 Submit your content or contact us here:
👉 https://www.bhaktipulse.com/contact.php
🌼 Let your words spread devotion, ज्ञान, and positivity to the world.
🙏 Join us in this divine journey!